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इलाज के साथ-साथ चिकित्सीय परामर्श अवश्य लें : रात में तलवों में जलन: पित्त दोष से लेकर डायबिटीज तक, जानिए कारण और आयुर्वेदिक उपाय

Ashwani Kumar Sinha

Mon, May 26, 2025


रात में तलवों में जलन: पित्त दोष से लेकर डायबिटीज तक, जानिए कारण और आयुर्वेदिक उपाय
– जनहित में जारी, आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, पुणे द्वारा प्रमाणित सलाह

रात के समय तलवों में जलन या आग जैसी अनुभूति होना एक सामान्य लेकिन नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है। यह सिर्फ असुविधाजनक ही नहीं, बल्कि शरीर में किसी अंदरूनी असंतुलन का संकेत भी हो सकता है। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा दोनों के अनुसार यह पित्त दोष, रक्त संचार की समस्या या तंत्रिका दुर्बलता से जुड़ा हो सकता है।

संभावित कारण:

  1. पित्त दोष का बढ़ना – अधिक मसालेदार, तैलीय और गर्म तासीर वाले भोजन से पित्त असंतुलन होता है, जिससे तलवों में गर्मी बढ़ जाती है।

  2. खराब रक्त संचार – रक्त प्रवाह बाधित होने से तलवों में जलन की शिकायत हो सकती है।

  3. डायबिटीज (मधुमेह) – रक्त में ग्लूकोज स्तर असंतुलित होने पर पैरों में झनझनाहट और जलन होती है।

  4. विटामिन B12 और आयरन की कमी – नसों की कमजोरी से तलवों में असामान्य गर्मी महसूस होती है।

  5. एसिडिटी या अम्लपित्त – अधिक पित्त बनने से शरीर में गर्मी और तलवों में जलन बढ़ती है।

  6. थायरॉइड की समस्या – हार्मोन असंतुलन भी इसका एक कारण हो सकता है।

आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा के असरदार उपाय:

  1. ठंडे पानी में सेंधा नमक डुबकी

    • कैसे करें: गुनगुने पानी में सेंधा नमक मिलाएं और 10-15 मिनट पैर डुबोएं।

    • लाभ: रक्त संचार सुधरता है, सूजन व जलन में राहत मिलती है।

  2. नारियल तेल और कपूर से मालिश

    • कैसे करें: नारियल तेल में थोड़ा कपूर डालकर हल्का गर्म करें और सोने से पहले तलवों पर लगाएं।

    • लाभ: शांति, ठंडक और सूजन में कमी।

  3. त्रिफला चूर्ण का सेवन

    • कैसे लें: रात को 1-2 चम्मच त्रिफला गुनगुने पानी के साथ लें।

    • लाभ: पाचन सुधरता है और पित्त नियंत्रित होता है।

  4. आंवला या गिलोय रस का सेवन

    • कैसे लें: सुबह खाली पेट 20-30 मिली रस लें।

    • लाभ: शरीर की गर्मी कम करता है और प्रतिरक्षा बढ़ाता है।

  5. ताजा एलोवेरा जेल लगाना

    • कैसे लगाएं: तलवों पर लगाकर 15-20 मिनट छोड़ दें।

    • लाभ: त्वचा को ठंडक मिलती है और जलन घटती है।

  6. शतावरी व यष्टिमधु चूर्ण का सेवन

    • कैसे लें: 1-1 चम्मच चूर्ण को गर्म दूध के साथ रात को लें।

    • लाभ: नसों को पोषण मिलता है और शरीर ठंडा रहता है।

क्या न करें:

  • अधिक मसालेदार, तला-भुना और तीखा भोजन न करें।

  • देर रात तक जागने से बचें।

  • बहुत गर्म पानी से स्नान न करें।

निष्कर्ष:
तलवों में जलन को मामूली समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं। यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है तो आयुर्वेदिक इलाज के साथ-साथ चिकित्सीय परामर्श अवश्य लें। यह एक संकेत हो सकता है कि आपके शरीर को अंदर से संतुलन की जरूरत है।

— जनहित में जारी
आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, पुणे


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