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उन्होंने उसी दिन शाम 5:20 बजे पदभार ग्रहण किया और उसी दिन सेवानिवृत्त : रिटायरमेंट के दिन प्रमोशन का चार्ज लेने पर भी मिलेंगे सभी लाभ, पेंशन नहीं रोक सकती सरकार: कर्नाटक हाई कोर्ट

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Jul 7, 2026

रिटायरमेंट के दिन प्रमोशन का चार्ज लेने पर भी मिलेंगे सभी लाभ, पेंशन नहीं रोक सकती सरकार: कर्नाटक हाई कोर्ट

ऐतिहासिक फैसला: सेवानिवृत्ति के दिन विधिवत पदभार ग्रहण करने वाले कर्मचारी को मिलेगा प्रमोटेड पद का वेतन, पेंशन और सभी परिणामी लाभ

बेंगलुरु। सरकारी कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले निर्णय में कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी को उसकी सेवानिवृत्ति के दिन नियमित रूप से पदोन्नति (Promotion) दी जाती है और वह उसी दिन नियमानुसार पदभार (Charge) ग्रहण कर लेता है, तो वह पदोन्नत पद से मिलने वाले सभी वित्तीय, सेवा एवं पेंशन संबंधी लाभों का अधिकारी होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर कि कर्मचारी ने दोपहर 12 बजे के बाद या कार्यालय समय के अंतिम हिस्से में पदभार ग्रहण किया, उसे पदोन्नति के लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता।

कर्नाटक हाई कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए Karnataka State Administrative Tribunal (KSAT) के आदेश को बरकरार रखा। न्यायालय ने कहा कि यदि पदोन्नति आदेश प्रभावी है और कर्मचारी ने उसी दिन विधिवत उच्च पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है, तो वह उस पद का वैध अधिकारी बन जाता है तथा उसे उस पद से जुड़े सभी परिणामी (Consequential) लाभ मिलेंगे।

मामले में एक सरकारी प्रोफेसर को 31 मई 2023 को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया गया था। उन्होंने उसी दिन शाम 5:20 बजे पदभार ग्रहण किया और उसी दिन सेवानिवृत्त भी हो गए। बाद में राज्य सरकार ने यह तर्क देते हुए पदोन्नति और पेंशन संबंधी लाभ देने से इनकार कर दिया कि कर्मचारी ने दोपहर बाद पदभार संभाला था। कर्मचारी ने इस निर्णय को चुनौती दी। पहले KSAT ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया और अब कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी उस आदेश को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी।

हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि सेवा नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि सेवानिवृत्ति के दिन पदभार केवल दोपहर 12 बजे से पहले ही ग्रहण किया जाए। यदि कर्मचारी ने उसी दिन वैधानिक रूप से पदभार संभाल लिया है, तो उसे पदोन्नत पद का वेतनमान, वेतन निर्धारण, पेंशन तथा अन्य सभी सेवा संबंधी लाभ प्रदान किए जाएंगे।

यह निर्णय देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण नजीर माना जा रहा है। विशेष रूप से उन कर्मचारियों को इससे राहत मिल सकती है, जिन्हें सेवानिवृत्ति के दिन पदोन्नति मिलने के बावजूद तकनीकी आधारों पर पदोन्नति अथवा पेंशन संबंधी लाभों से वंचित किया जाता रहा है। न्यायालय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विधिसम्मत रूप से ग्रहण किए गए पदभार के बाद कर्मचारी को उसके वैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।

(स्रोत: कर्नाटक हाई कोर्ट का निर्णय एवं Karnataka State Administrative Tribunal के आदेश पर आधारित)

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